Top 10 Objection Handling in Network Marketing Business step by step

Top 10 Objection Handling in step by step

 

 

Top 10 Objection Handling in Business step by step

31 . फिर भी मैं जरूर बताना चाहूंगा कि आखिर भागने वाली बहुत कम्पनी है वे के उनकी क्या पहचान है ?

आपका सवाल बहुत बढ़िया है , पहले तो मैं भी यही सोचता था कि सब कंपनी एक जैसी होती है लेकिन इस सिस्टम में आकर पता चला कि मोटे तौर पर कोई भी 5 प्रकार की कंपनी होती है । जो इस प्रकार है :

1 . वित्तीय कम्पनी – जो कुछ समय में पैसे को डबल करने का वायदा करती है । जैसे 3 साल या 4 साल में इत्यादि । सोचने वाली बात यह है कि इतने बड़े देश की सरकार का एस बीआई बैंक 4 साल में डबल नहीं कर पाती है , रिलायंस जैसी बडी कंपनी नहीं कर पाती है तो एक आम कम्पनी 3 , 4 या 5 साल में डबल कैसे कर पाएगी ? शायद नहीं कर पाएगी । लेकिन लेकर जरूर भाग जाएगी । इनकी पहचान ये होती है कि बैंक और पोस्ट ऑफिस की तुलना में जल्दी डबल करने का वायदा करती है और जिसे पूरा करने का सवाल ही नहीं उठता । इनसे बचकर रहने में ही भलाई

2 . मनी सरकुलेशन सिस्टम या चिट फंड या मनी पिरामिड स्कीम : – इस प्रकार की कंपनियों पर सरकार की तरफ से प्रतिबंध होता है जो 1978 के एक्ट के मुताबिक लागू है लेकिन फिर भी लोग चोरी – छिपे ऐसी स्कीम चलाते हैं तथा जब भी पकड़े जाते हैं , उनकी स्कीम बंद हो जाती है । ये इस प्रकार का लालच देती है कि आप 2000 / – देकर मेंबर बन जाओ । इसके बाद आप भी 2000 / – वाले चार मेम्बर बना दो , आपको 1600 / – रू . का चैक मिलेगा । इसकी खास पहचान यह है कि इसमें केवल पैसा घूमता है , यहां कोई भी प्रॉडक्ट नहीं होता है । ऐसी कंपनियों से बचने में भलाई है क्योंकि 1978 के एक्ट के अनुसार इन पर प्रतिबंध होने की वजह से इनका भागना निश्चित होता है ।

3 . कॉमर्शियल समान बनाने वाली कंपनियां : – ये कंपनी ऐसी होती है जो सामान बनाती है और पारम्परिक तरीके से बाजार में सामान बेचती है । जिनकी डिमांड और सप्लाई का कार्य चलता रहे तो ये चलती रहती है और नहीं चले तो मालिक इनको बंद कर देता है लेकिन इस केस में आम जनता को कोई नुकसान या फायदा नहीं होता है ।

4 . डायरेक्ट सेलिंग कंपनी : – ये कंपनी कुछ प्रॉडक्ट बेचती है वह भी नेटवर्क के माध्यम से । ये नेटवर्क के माध्यम से जो टीम बनाती है उस पर रेफरल कमीशन बाँटती है । ये कानूनी तौर पर भी सही होता है । यहां पर सीधी सी बात है , काम का पैसा मिलता है ( बिक्री पर पैसा मिलता है ) जो संभव भी है लेकिन कुछ नेटवर्क कंपनी नॉन वर्किंग प्लान लेकर आती है जो कि संभव नहीं है कि बिना काम का पैसा कहां मिलता है ? काम करके पैसा मिलने वाली कंपनी में कहीं भी कोई भी दिक्कत नहीं होती है ।

लेकिन इनके साथ कुछ उल्टा ही हो जाता है । पहले और दूसरे नं . की  कंपनियों के मामले में वे लोगों को छोडकर भगती थी लेकिन डायरेक्ट सेलिग कंपनी मामला कुछ उल्टा ही होता है कि लोग काम करना बंद कर देते हैं या कंपनी को छोड़कर चले जाते हैं और कंपनी बंद हो जाती है । लेकिन अगर डायरेक्ट सेलिंग में मजबूत लीडर है तो भागने का सवाल ही नहीं उठता है ।

क्योंकि पैसे के बदले में सामान मिल ही जाता है । इसके अलावा भागने का सवाल ही नहीं उठता है । उदाहरण के तौर पर आपने बाजार से एक पैन खरीदा और कुछ दिन बाद का दुकान बंद हो जाती है तो क्या हम यह कहते हैं कि फलाना दुकानदार हमारे पैसे लेकर भाग गया । वैसे ही यह कंपनी आज की तारीख में डायरेक्ट सेलिंग के इतिहास का ब्रांड बन चुकी है ।

32 यह Network Marketing Business  नहीं चलता हम कईयों को जानते हैं जो इसको छोड़ चुके हैं ।

सर आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं , मैं आप की बात समझ सकता हूँ पहले मैं भी यही सोचता था लेकिन जब मुझे वास्तविकता का पता चला तो पाया कि ऐसा नहीं है । यह आँकड़ों से जाहिर होता है कि लगभग 50 % लोग इस बिजनेस को 3 महीनों के भीतर छोड़ देते हैं और उनमें से अधिकांश बिना किसी से बात किए ही इसे छोड़ देते हैं । आप ऐसे कईयों को जानते हैं जो पी एम टी टेस्ट में फेल हो गए तो क्या PMT बंद कर दी जाए या मेडिकल कालेज में ताला लगा दिया जाए , डाक्टर बनने के लिए आप किस के संपर्क में आएंगे जो PMT पास हो गया या फिर जो PMT फेल हो गया क्या आप ऐसे लोगों को नहीं जानना चाहेंगे जिन्होंने इस बिजनेस में सफलता पाई है ।

आप अपने बच्चों को किसके साथ देखना पसंद करेंगे , जो पढ़ने में होशियार हैं या जो फेल होता रहता है ? आपके बगैर यह बिजनेस लगभग सभी राज्यों में चल रहा है और यह वर्षों तक चलता रहेगा यह चुनौतीपूर्ण लेकिन सरल काम है । जिसे सीखकर किया जा सकता है आप जैसे बैकग्राउंड के लोग आज भी कर रहे हैं , इसलिए असफल लोगों से नहीं सफल लोगों से शिक्षा लें ।

33 . हमारे बच्चे छोटे हैं ।

सर , बहुत बढ़िया , बच्चों के बारे में सोचना हमारी नैतिक व सामाजिक जिम्मेदारी है । आपके पास अपने बच्चों के भविष्य की क्या योजना है ? वह किस तरह के खिलौनों से खेलेंगे , वह किस गाड़ी में और किस स्तर के स्कूल में पढ़ने जाएंगे , वह किस किस्म के कपड़े पहनेंगे , आप उनको कितना समय दे पाएंगे । अगर इन सवालों का जवाब देने में आप को पसीना आ रहा है , तो आप ठीक दिशा में सोच रहे हैं कि आपको इस डायरेक्ट सेलिंग को गंभीरता पूर्वक शुरू कर देना चाहिए । बच्चों को बिजनेस नहीं करने का बहाना बनाने की बजाय आप बच्चों को इस Network Marketing Business  को करने का कारण बना सकते हैं और उनके सुखद भविष्य की नींव रख सकते हैं ।

आखिर मां बाप बच्चे के लिए क्या नहीं कर सकते और आपके साधारण सा बिजनेस करने से डरते हैं जो उस बच्चे को हमेशा के लिए आराम देने वाला है । अगर आपके बच्चे छोटे हैं तो पति – पत्नी में से एक को ही बिजनेस में लगना चाहिए और दूसरे को बच्चों की देखभाल में पूरा समय दना चार इसलिए भगवान ने बच्चे के पीछे माँ और बाप दोनों को रखा है , ताकि एक उसका लालन – पालन करें व ख्याल रखें तथा दूसरा उसको सपने की जिंदगी जीने में सक्षम बनाने के लिए एक लगातार आते रहने वाली आमदनी को पैदा कर सके । और अगर थोड़े भी विवेकशील लोग है आरआवश माता पिता है तो जरूर एक पैसिव आमदनी का बंदोबस्त करना चाहिए ताकि जीवन म कुछ भी चुनौती आए , उसका जिंदगी में बच्चों के लालन पालन और भविष्य पर कछ भी फर्क ना पड़ ।

34 लोग इस Network Marketing Business  के नाम से बिदकते हैं , आने का बोलकर भी नहीं आते हैं ।

आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं , मैं समझ सकता हूँ मेरे साथ भी कई लोगों ने ऐसा ही किया था , लेकिन जब मुझे पता चला कि इस बिजनेस में 10 – 7 – 4 – 1 का फार्मूला काम करता है तो मैं समझ गया 10 में से एक आदमी इस बिजनेस में आता है । और वही काफी है कुछ लोगों की नजरों में उनकी स्वयं की छवि धुंधली होती है और उनका आत्मविश्वास बड़ा कमजोर होता है ।

यह वह लोग होते हैं जो संतोषी सदा सखों की गोली खाकर बड़े हुए हैं और आत्मविश्वास की कमी के कारण किसी भी काम को हाथ में लेने से डरते हैं । आपको हर बिजनेस में ऐसे लोग मिल जाएंगे जो टाल मटोल करने में विश्वास रखते हैं पर ऐसे लोगों के आने से भी कोई खास फायदा नहीं होता । ये अगर आ भी जाएँ तो छोड़कर भागने में ज्यादा वक्त नहीं लगाते , पैसे की गरीबी उतनी दुखदाई नहीं होती , जितनी प्रकृति के लिए आकुलता की कमी । जो अपनी दुर्दशा से संतुष्ट है ।

उसके लिए सुखद अक्षर कहाँ से कैसे और क्यों कर आएगा इसलिए हम से जो बिदकते हैं उनकी चिंता नहीं करनी है , जो लोग हर रोज भगवान के सामने अगरबत्ती लगाते हैं और कहते हैं भगवान मेरी किस्मत अच्छी कर दे मैं आम जिंदगी नहीं जीना चाहता और कहता है बस एक बार मौका दे दे , अगर परिवार का इतिहास ना लिख दिया तो कहना । अगर आपके घर में लड़का या लड़की पैदा हुई है तो मतलब साफ है कि भगवान ने उसके लिए लड़की या लड़का पहले ही पैदा कर दिया है ।

जिसके साथ उसकी शादी होगी आपका काम तो उसको खोज निकालना है । अगर आप को भगवान ने यह Network Marketing Business दे दिया है तो भी मतलब साफ है कि भगवान ने वह लोग पहले ही भेज दिए हैं । जो आपका Network Marketing Business  में सहयोग करेंगे , आपकी जिम्मेदारी तो सिर्फ इतनी है कि आप बस उन लोगों को खोज निकालने ऐसे लोग जो बोल कर भी नहीं आते , वह आपकी खोज का हिस्सा नहीं है उन लोगों की परवाह करके अपने भविष्य खतरे में क्यों डालते हैं ?

35 . ये बड़ा कठिन काम है , सफलता की संभावना बहुत कम है ।

यह प्रारंभ में ही स्पष्ट किया गया है कि डायरेक्ट सेलिंग सरल है पर आसान नहीं है । आई . ए . एस . , आई . पी . एस . , कॉस्ट – एकाउन्टेंट , सीए , सीएस आदि में सफल होने वालों का प्रतिशत 0 . 5 to 0 . 7 % ही रहता है । कष्ट और कठिनाई का व्यवधान उन्नति की हर दिशा में मौजूद रहता है । ऐसी एक भी सफलता नहीं है जो कठिनाईयों से संघर्ष किए बिना ही प्राप्त हो जाती हो । जीवन के महत्वपूर्ण मार्ग विघ्न – बाधाओं से सदा भरे रहते हैं । यदि परमात्मा ने सफलता का कठिनाई के साथ गठबंधन न किया होता , उसे सर्व सुलभ बना दिया होता तो यह मनुष्य जाति का सबसे बडा दुर्भाग्य होता ।

36 . पैसा सब कुछ नहीं होता है पैसे से मानसिक शांति नहीं मिलती ?

संपन्नता और मानसिक शांति का संबंध व्यक्तिगत स्वभाव पर निर्भर करता है पैसा पानी की तरह है जिसमें मिलाओ वैसा ही रंग होता है । दूध में मिलाओ दूध जैसा , शराब में मिलाओ तो शराब जैसा । पैसा केवल भ्रांति मात्र है कि पैसा लोगों का दिमाग खराब कर देता है और उसे घमंडी बना देता है । ऐसा कुछ भी नहीं है , पैसा अपने आप में एक ऐसी चीज है जो मनुष्य को उसकी प्रकृति के अनुसार कार्य करने की क्षमता बढ़ाता है ।

अगर एक अच्छी प्रवृत्ति है तो वह और अच्छा बन जाता है और अगर बुरी प्रवृत्ति है तो और बुरा बन जाता है । दूसरी बात बहुत सारे गरीब लोगों को भी मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए धन्ना सेठ होना जरूरी नहीं है , लेकिन पैसे की कमी के कारण आप ऐसे तत्व से वंचित रह जाते हैं जो जीवन को रंगीन बनाते हैं । पैसे से खुशी नहीं खरीदी जा सकती लेकिन असुविधाएं जरूर कम की जा सकती हैं , यदि आपको हर समय यह चिंता सताती रहती है कि डाक्टर की फीस कैसे अदा की जाएगी ? किताबों और स्कूल की फीस कब तक दी जा सकेगी , बिजली व फोन का बिल कम कैसे आएगा ? क्या इस साल भी घर की पुताई नहीं हो पाएगी ? तो आपका मन कैसे शांति का अनुभव कर सकता है ।

अगर पैसों की कमी के कारण आपको गंदी बस्ती में रहना पड़ रहा है और आप को चिंता लगी रहती है कि इस वातावरण का मेरे बच्चे पर क्या प्रभाव पड़ेगा । तो आपको मानसिक शांति कैसे मिल सकती है ? संपन्न लोग मानसिक शांति के साथ जीते हैं पर अगर व्यक्ति की मुख्य चिंता यही हो जाए कि संपन्नता की रक्षा किसी भी तरह की जाए तो मानसिक शांति गायब रहती हैं । मनुष्य संपत्तियों से नहीं वरन अपने विचारों एवं नजरिए के कारण शांति और सुखी रहता है । गुण कर्म और स्वभाव को उच्च स्तरीय बनाऐ बिना , कर्तव्यों को आनंदपूर्वक निभाए बिना प्रचुर संपत्ति प्राप्त कर लेने पर भी चैन से नहीं रहा जा सकता ।

व्यक्ति की अंत चेतना अगर निकृष्ट स्तर र जसा धन , इन्द्र जैसा वैभव जैसा वैभव होते हए उसे असंतोष एवं विमोक्ष की ज्वाला से जलते रहना होगा । दरिद्रता या संपन्नता इस तरह नहीं होती की किसी व्याक्त ‘ क्या है बल्कि इससे तय होती है कि वह क्या है या बिजनेस आपको कितना धन देगा । पर यह तय नहीं है किसकी शिक्षा से आप को हृदय की विशालता का आभास आपको हो जाएगा । इसका एजुकेशन सिस्टम बहुत शानदार होता है , यह बिजनेस आपके व्यक्तित्व को निखारेगा और आपकी विचारधारा को सकारात्मक और प्रगतिशील बनाएगा ।

इसमें किसी को भी रत्ती भर संदेह नहीं करना चाहिए बिल्कुल नीरस एवं उपेक्षित हो जाती है जो वस्तु जितनी घटनाएं से और जितना खर्च करके मिलती है , उतनी ही आनंददायक होती है । प्रतिभा किसी पर आसमान से नहीं उतरती , वह अंदर से ही जागती हैं उसे जगाने के लिए केवल मनुष्य होना ही पर्याप्त है । वह अन्य कोई प्रतिबंध नहीं मानती । वह सारे गणों को छोडकर रैदास और कबीर का वर्णन करती है तो कभी सिद्धार्थ और महावीर जैसे राजकमारों पर विराजित है ।

बलवानों सुंदरों को छोड़कर गांधी जैसे कमजोर शरीर और चाणक्य जैसे पुरुषों को वह प्राप्त होती है । उसके अनुशासन में जो आ जाता है वह बिना किसी भेदभाव के उसका वरण कर लेती है और अब यह कठिन काम है इसलिए तो इसे करना है वरना आप अपने बच्चों को मेडिकल या इंजीनियरिंग कॉलेज में जाने के नाम से डरा क्यों नहीं देते ? किसी ने क्या खूब  :  कहा है अगर आसमान को जिद है बिजलियाँ यहाँ गिराने की तो हमें भी जिद है आशियाना यहाँ बनाने की । 

37 . इसमें आना था तो पहले आना था । जो Network Marketing Business पहले आ गए वो अच्छा कमा गए । अब इसमें कुछ नहीं रखा है । इसमें तो अब सेचुरेशन है ।

यह सारा बिजनेस प्रोडक्ट पर आधारित है , जिनकी संख्या समय के साथ बढ़ती है , अत : इसमें आने का सबसे सही समय अभी है । पहले आना था कह कर आप यह तो मान रहे हैं कि आप पहले ना आकर गलती कर चुके हैं अब आप दूसरी गलती यह कर रहे हैं कि इसमें आने में देर कर रहे हैं ।

अगर आप अपनी जानकारी थोड़ा बढ़ाएं तो आपको यह पता चल जाएगा कि Network Marketing Business  में ऐसा कई बार हुआ है कि नए एसोसिएट ( Associate ) ने पुराने एसोसिएट को पीछे छोड दिया है । ऐसे भी कई Associates हैं जो बाद में आए , पर जिनकी आमदनी अपनी अपलाईन से बहुत ज्यादा है । इस बिजनेस में आपकी आमदनी आपके आने के समय से तय नहीं होती बल्कि तय होती है आपकी लग्नशीलता से तथा आपकी प्रतिबद्धता से तय होती है । यह कोई पिरामिड स्कीम या चैन सिस्टम नहीं है ।

अत : यह सोचना बिलकुल गलत है । आप अपनी अपलाईन से ज्यादा नहीं कमा सकते हैं । यह सेचुरेशन की बात करते हैं । आज आपको हर हाथ में घड़ी दिखाई पड़ती है तो क्या घड़ी से सेचुरेशन हो गया ? हर घर में टीवी , फ्रिज , पंखे , साईकिल , मोटरसाइकिल , दिखाई पडती है तो क्या इनसे सेचुरेशन हो गया है ? ऐसा नहीं , है क्योंकि उपभोक्ता शाश्वत है अत : सेचुरेशन जैसी कोई बात नहीं है ।

38 . हम घर – घर जाकर हाथ नहीं जोड़ सकते और न ही किसी का दरवाजा खटखटा सकते हैं । हम सेल्समेन जैसा काम नहीं कर सकते ।

सर , आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं । पहले मुझे भी यही लगता था कि ये दरवाजे खटखटाने का , घर – घर जाकर हाथ जोड़ने का और सेल्समेन जैसा काम है लेकिन जब इसकी विस्तार से जानकारी ली तो पता चला कि यह ऐसा कुछ नहीं है । यह तो बेहद पवित्र और नैतिकता का कार्य है । इसके माध्यम से हम लोगों को कुछ बेचने वाला या सेल्समेन नहीं बनाते है । Network Marketing Business  में हम खुद भी एक बिजनेस लीडर की शिक्षा लेते हैं और दूसरों को भी एक सुलझा हुआ सकारात्मक , जोशीले लीडर बनने की शिक्षा देते हैं जिससे उसका पूरा नजरिया बदलकर सारी दुनिया ही उसके लिए खुशनुमा हो जाए ।

सिचुएशन उसको प्रभावित न करे वह हर हालत में अपने आपको और आगे बढ़ाता ले जा सके । क्योंकि हम यहाँ पर विशाल संगठन बनाते हैं , उसका नेतृत्व करते हैं तथा नेतृत्व करना सिखाते हैं । ताकि जब हमारा संगठन मजबूत हो जाए तो तब हमारा बिजनेस ऑटो – पायल हो जाए और हमें जिंदगी की सच्ची और सभी की दिल की इच्छा समय तथा पैसे की आजादी मिल सके । हम सामान बेचने के बिजनेस में नहीं है , हम तो लीडर बनने – टीम बनाने और लोगों को लीडर बनाने के बिजनेस में है ।

अब रहा सवाल दरवाजे खटखटाने का तो जिंदगी में जीना है तो ऐसा एक भामाई का जो इस दुनिया में किसी न किसी के दरवाजे को खटखटाता ना हो आर मुझ ” जिदगी में जीना है तो ऐसा एक भी माई का लाल नहीं है कसा के दरवाजे को खटखटाता ना हो और मुझे विश्वास है इस बिजनेस के अलावा भी हम और आप दरवाजा तो खटखटाते ही है ।

कभी बास का कभी डॉक्टर का दरवाजा , तो कभी मित्र का दरवाजा , तो कभी बच्चे के टीचर का दरवाजा । आप सोच कर बताइए नौकरी के लिए कितने दरवाजों पर ‘ मे आई कम इन – सर कह चुक हा अपनी लड़की या लड़के की शादी के लिए कितनों के दरवाजे खटखटायेंगे आप ? बच्चा का मनपसद स्कूल में एडमिशन कराने के लिए कितने पापड बेले हैं आपने । अब आतह घर पर जाने की बात पर यह बिजनेस हम साप्ताहिक मीटिंग एवं प्रेजेन्टेशन के माध्यम से करते है ।

घर – घर जाने का सवाल ही नहीं उठता है , वैसे भी डायरेक्ट सेलिंग कंपनी सारे प्रॉडक्ट की घर पर डिलीवरी देती है । सबसे पहली बात तो यह है कि सेल्समेन का काम कोई लज्जाजनक काम नहीं है । दुनिया में सबसे ज्यादा बिजनेस सेल्स के नाम पर ही होता है , इसलिए सेल्समेन का काम भी उतनी ही इज्जत का है जितना कोई दूसरा काम । सेल्स मेन उन लोगों से हजार गुना अच्छा है जो घूस लेकर काम करते हैं ।

मैं सेल्समेन जैसा नहीं हैं , कहकर हम दोगलती एक साथ कर हरे हैं । पहली तो यह है कि सेल्समैन को छोटा और खराब कह रहे हैं जो छोटी बुद्धि का सूचक है और दूसरा ये की आप ये गलत फहमी भी पाल रहे हैं कि आप कुछ बेच नहीं रहे हैं क्योंकि हर इंसान , समय , सेवा या विचार देखता ही है ।

39 . आपने कौन सा तीर मार लिया है ? आपको कितने का चैक आ रहा है ? आप कब से इस Network Marketing Business  में है और आज आपका लेबल क्या है ?

सर , आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं , मैंने भी अपनी अपलाईन से यही सवाल किए थे , लेकिन मुझे एक वास्तविकता का पता चला कि ये बिजनेस एक अनूठा बिजनेस है । इसमें हम बंधे नहीं है । हम चाहे तो अपने स्पांसर से ज्यादा तीर मार सकते हैं , ज्यादा सफलता ले सकते हैं , इसमें अगर हमारा स्पांसर ने तीर भी मारा हो लेकिन हम तो तीर मारने का मौका दे ही देता है और हम चाहे तो तीर जरूर मार सकते हैं ।

वैसे भी सर , आजकल तीर मारने का जमाना चला गया अब तो मिसाइल का जमाना है इसलिए तो हम इस बिजनेस में है । यहां पर हमारे जैसे या उससे भी नीचे के तबके के लोगों ने बढ़िया काम करके यहाँ से अब 40 – 50 हजार रूपए महीना , 70 – 80 हजार रूपए महीना , एक लाख से दो लाख रूपया महीना भी ले रहे हैं । अब सवाल ये है कि आप अपने आपको कौन सी श्रेणी में लाना चाहेंगे ? क्योंकि दूसरे के कमीशन चेक से आपके विश्वास को बल तो मिलेगा लेकिन मजा तो अपने चेक लेने में ही आएगा ।

40 . लोग क्या कहेंगे कहीं भी मिल जाएंगे तो हम लोग मिलने से भी कतराएंगे ।

क्या कहेंगे लोग सबसे बड़ा है रोग । सर आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं कि मैं भी यही सोचता था कि इस Network Marketing Business में काम करूंगा तो लोग क्या कहेंगे लेकिन मुझे एक बात बताई गई जो मेरे अंदर तक घर कर गई । इजाजत हो तो शेयर करूँगा ? हाँ जरूर , धन्यवाद ! सर , मुझे बताया गया था कि लोग हर परिस्थिति में रहेंगे चाहे आप कुछ भी करें । आपने भगवान शिव और पार्वती की कहानी सुनी होगी जब वे दोनों घोड़े पर चले तो लोगों ने बोला देखो इनको घोड़े पर तरस नहीं आ रहा , दोनों जवान हैं घोड़े पर बैठे हैं ।

जब पार्वती अकेली घोडे पर बैठी तो बोलें कैसी स्त्री है , पति परमेश्वर होता है उसको पैदल चला रही है । और खुद घोड़े पर बैठे हैं , जब भगवान शिवजी अकेले घोड़े पर बैठे तो उन्होंने बोला देखो कैसा मर्द है , नारी अबला होती है उसको पैदल चला रहा है , खुद घोड़े पर बैठा है । और जब वे दोनो पैदल चलने लगे तो बोले देखो कैसे मूर्ख है , साथ में घोड़ा है और दोनों पैदल चल रहे हैं ।

अब आप खुद ही बताएं इसके अलावा भगवान शिव और पार्वती क्या कर सकते थे । जब लोगों ने भगवान को नहीं छोड़ा तो हम किस खेत की मूली है । वैसे मैं बताऊँ सब महान लोगों के साथ ये होता है क्योंकि आप देख सकते हैं कि पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा अमेरिका के राष्ट्रपति का पुतला फूंका जाता है , देश के पीएम का पुतला फूंका जाता है , राज्य में मुख्यमंत्री का पुतला फूंका जाता है , जिले में जिलाधिकारी का पुतला फूंका जाता है लेकिन चपरासी और मजदूर का पुतला कोई नहीं फूंकता है ।

इसका मतलब ऊपर उठने वाले लोगों को विरोध तो सहना ही पड़ता है और जो सह जाता है वही पाता है ऊपर उठते हैं । तो भगवान लोगों के माध्यम से परीक्षा तो लेंगे ही जितनी बड़ी परीक्षा , उतनी ही सफलता होती है । वैसे भी हमें लोगों की चिंता ना कर के अपने कर्मों की चिंता करना चाहिए ।

जैसे गुटखा खाने , सिगरेट पीने , शराब पीने , जुआ खेलने , झूठ बोलने , घूस लेने , बिना टिकट लिए , प्लेटफार्म में घुसने , गलत साइड से गाड़ी निकालने , सरकारी गाड़ी से बच्चों को स्कूल भेजने , इनकम टैक्स का झूठा रिटर्न भरने , सरकारी नौकर से घर का काम कराने , घर के आगे कचरा फेंकने , साफ दीवार पर थूकने में , ऑफिस देरी से जाने और जल्दी कर भाग आने में , आदि में गालियाँ बकने में गंदे चुटकुले सुनाने में गंदे एसएमएस भेजने में आदमी कहाँ सोचते हैं कि लोग क्या कहेंगे तो फिर आज यहाँ बहानेबाजी करते हैं ।

वैसे भी किसी ने हमें समझदार कहा तो हम भूल गऐ जब किसी ने कहा फंस गया तो हमारे हौसले पस्त हो जाते हैं । ऐसी उधार की अदाओं पर जीने से फायदा ही क्या है । क्यों सर हमें खुद के मंतव्य पर जीना चाहिए या नहीं । कार्य को कल पर टालना नहीं चाहिए । क्योंकि यही एक ऐसा Network Marketing Business है जिसे पार्ट टाइम में भी किया जा सकता है ।

 

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